8 अगस्त 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Udaipur Files’ कन्हैया लाल टेलर मर्डर’ की रिलीज को हरी झंडी दिखाई। यह फिल्म 2022 में उदयपुर, राजस्थान में हुए कन्हैया लाल की हत्या के मामले पर आधारित है। इस फिल्म को लेकर शुरू से ही विवादों का दौर जारी रहा, लेकिन कोर्ट के हालिया फैसले ने इसके रिलीज का रास्ता साफ कर दिया। इस लेख में हम फिल्म की रिलीज से जुड़े कोर्ट के फैसले, इसके कथानक, और एक संक्षिप्त Udaipur Files Movie Review पर चर्चा करेंगे।
दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने 7 अगस्त 2025 को Udaipur Files फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में दावा किया गया था कि फिल्म का प्रदर्शन कन्हैया लाल हत्याकांड के एक आरोपी के निष्पक्ष ट्रायल को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहे कि फिल्म की रिलीज से कोई अपूरणीय क्षति होगी। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से प्रमाणन प्राप्त हो चुका है, और यह ट्रायल को प्रभावित नहीं करेगी।
इसके अलावा, कोर्ट ने निर्माता के पक्ष को ध्यान में रखते हुए कहा कि फिल्म में निर्माता ने अपनी जीवन भर की कमाई निवेश की है, और रिलीज पर रोक लगाने से संतुलन बिगड़ेगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल एक प्रशिक्षित जज द्वारा निष्पक्ष रूप से संचालित होगा, जिस पर फिल्म का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
Udaipur Files का कथानक
‘Udaipur Files’ 2022 में उदयपुर में हुए कन्हैया लाल की हत्या के मामले पर आधारित एक ड्रामा फिल्म है। कन्हैया लाल, एक दर्जी, की हत्या दो हमलावरों, मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने की थी, जिन्होंने दावा किया कि यह हत्या कन्हैया लाल द्वारा पूर्व बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में की गई थी। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की गई थी, और यह अभी जयपुर की विशेष NIA कोर्ट में विचाराधीन है।
फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता विजय राज ने कन्हैया लाल की भूमिका निभाई है, जबकि प्रीति झंगियानी और मुश्ताक खान जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन भारत एस. श्रीनेट और जयंत सिन्हा ने किया है, और कहानी अमित जानी, भारत सिंह, और जयंत सिन्हा द्वारा लिखी गई है।
Udaipur Files मूवी रिव्यू

‘Udaipur Files’ एक संवेदनशील और विचारोत्तेजक विषय को सिनेमाई रूप में प्रस्तुत करती है। फिल्म का कथानक वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है, जो इसे दर्शकों के लिए और भी प्रभावशाली बनाता है। यह फिल्म न केवल कन्हैया लाल की हत्या की कहानी को दर्शाती है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक तनावों को भी उजागर करती है, जो इस घटना के पीछे की वजह बने।
सकारात्मक पहलू:
अभिनय: विजय राज ने कन्हैया लाल के किरदार को गहराई और संवेदनशीलता के साथ निभाया है। उनकी अभिनय शैली दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सक्षम है।
निर्देशन: निर्देशकों ने कहानी को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश की है, हालांकि कुछ दृश्यों में अतिशयोक्ति देखने को मिलती है।
कथानक: फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित होने के कारण दर्शकों का ध्यान खींचती है। यह सामाजिक मुद्दों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
नकारात्मक पहलू:
संवेदनशीलता: फिल्म का कुछ हिस्सा अत्यधिक नाटकीय हो सकता है, जो संवेदनशील दर्शकों को असहज कर सकता है।
विवाद: फिल्म के कुछ दृश्य और संवादों पर आपत्ति जताई गई है, क्योंकि वे एक विशेष समुदाय को नकारात्मक रूप में चित्रित कर सकते हैं।
रेटिंग:
हमारी रेटिंग: 3.5/5
यह फिल्म उन लोगों के लिए है जो सामाजिक और सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियों को पसंद करते हैं। हालांकि, दर्शकों को इसे खुले दिमाग से देखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह एक संवेदनशील विषय को छूती है।
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विवाद और चुनौतियां
‘उदयपुर फाइल्स’ की घोषणा के बाद से ही इसे कई विवादों का सामना करना पड़ा। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और हत्याकांड के एक आरोपी मोहम्मद जावेद ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका दावा था कि फिल्म में मुस्लिम समुदाय को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है, और यह निष्पक्ष ट्रायल को प्रभावित कर सकती है।
इसके जवाब में, फिल्म के निर्माता अमित जानी ने कहा कि फिल्म सच्चाई को दर्शाती है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फिल्म में 55 कट्स पहले ही किए जा चुके हैं, और केंद्र द्वारा सुझाए गए 6 अतिरिक्त कट्स भी शामिल किए गए हैं।
निष्कर्ष
‘Udaipur Files’ एक ऐसी फिल्म है जो न केवल एक वास्तविक घटना को दर्शाती है, बल्कि सामाजिक तनाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा को जन्म देती है। दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले ने फिल्म को रिलीज करने का रास्ता साफ कर दिया है, और अब यह दर्शकों के सामने होगी। यह फिल्म उन लोगों के लिए एक विचारणीय अनुभव हो सकती है जो सामाजिक मुद्दों पर आधारित सिनेमा में रुचि रखते हैं।
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